नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू डिवीजन ने बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (BDU) की मदद से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हरियाणा के अंबाला से जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग पहुंचा वर्मीकंपोस्ट खाद का पहला कंसाइनमेंट। यह शिपमेंट लगभग 60 टन वजन का है और इसमें 1200 बैग शामिल हैं। सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर श्री उचित सिंघल के मार्गदर्शन में की गई यह कोशिश छोटे व्यापारियों को रेलवे के जरिए आसान और सस्ता परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस कदम है।
वर्मीकंपोस्ट खाद की पहली रेल शिपमेंट अनंतनाग पहुंची
जम्मू डिवीजन की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट ने एम/एस सिकरी फार्म्स के साथ निरंतर बातचीत और सहयोग के बाद यह सफलता हासिल की। खाद को piecemeal traffic के जरिए भेजा गया, जो छोटे पैमाने के कारोबारियों के लिए रेलवे की सुविधा को दिखाता है। अंबाला से रवाना हुआ यह माल समय पर अनंतनाग (कश्मीर) पहुंच गया।
कंसाइनमेंट के मुख्य आंकड़े
- कुल बैग: 1200
- कुल वजन: करीब 60 टन
- भेजने का स्थान: अंबाला (हरियाणा)
- पहुंचने का स्थान: अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर
यह पहला कंसाइनमेंट है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली वर्मीकंपोस्ट खाद शामिल है। यह खाद कृषि के लिए फायदेमंद मानी जाती है और कश्मीर घाटी में किसानों की जरूरत को पूरा करने में मदद करेगी।
रेलवे की भूमिका और छोटे व्यापारियों को फायदा
नॉर्दर्न रेलवे जम्मू डिवीजन छोटे और मध्यम व्यापारियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दे रहा है। piecemeal traffic व्यवस्था के तहत विशेष उत्पादों को आसानी से भेजा जा सकता है। इससे सड़क परिवहन की तुलना में समय और खर्च दोनों बचते हैं। इस पहल से कृषि उत्पादों की उपलब्धता कश्मीर घाटी में बेहतर होने की उम्मीद है।
सिकरी फार्म्स की प्रतिक्रिया
एम/एस सिकरी फार्म्स ने रेलवे की तेज और विश्वसनीय सेवा से संतोष जताया है। कंपनी ने भविष्य में भी इस रूट पर नियमित रूप से माल भेजने और रेलवे नेटवर्क के जरिए अपना बिजनेस बढ़ाने की बात कही है।
उचित सिंघल का बयान
सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर श्री उचित सिंघल ने कहा, “यह सफल ऑपरेशन व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करता है और रेलवे की उस भूमिका को रेखांकित करता है, जिसमें कृषि उत्पादों को कश्मीर घाटी तक उपलब्ध कराना शामिल है। यह भविष्य में सस्टेनेबल बिजनेस ग्रोथ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
यह उपलब्धि जम्मू डिवीजन की फ्रेट ट्रैफिक बढ़ाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने की निरंतर कोशिशों को दर्शाती है।
