जम्मू-कश्मीर में माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। गुजरात के अहमदाबाद मंडल से रवाना हुई अमूल दूध और डेयरी उत्पादों की पहली विशेष मालगाड़ी सफलतापूर्वक जम्मू मंडल के बाड़ी ब्राह्मणा और अनंतनाग गुड्स शेड पहुंच गई है। इस ट्रेन में कुल 20 बीसीएन वैगन थे, जिनमें लगभग 1000 टन टोंड मिल्क, दूध पाउडर, मठ्ठा और लस्सी जैसे उत्पाद शामिल हैं। यह पहल केंद्र शासित प्रदेश में पौष्टिक दूध उत्पादों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और लंबी दूरी की सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
गुजरात से जम्मू तक का सफर: कब और कैसे पहुंची अमूल दूध ट्रेन
यह विशेष गुड्स ट्रेन 20 अप्रैल 2026 को गुजरात के लिंच गुड्स शेड (Linch Goods Shed) से रवाना हुई थी। इसमें कुल 20 बीसीएन वैगन लोड किए गए थे। इनमें से 10 वैगन बाड़ी ब्राह्मणा गुड्स शेड के लिए थे, जिनका कुल वजन करीब 500 टन था। बाकी 10 वैगन अनंतनाग गुड्स शेड के लिए भेजे गए, जिनमें भी लगभग 500 टन सामान था।
ट्रेन में मुख्य रूप से अमूल का टोंड मिल्क, दूध पाउडर, मठ्ठा और लस्सी जैसे डेयरी उत्पाद थे। भारतीय रेलवे ने इस परिवहन को सावधानी से पूरा किया, ताकि उत्पाद ताजे और सुरक्षित रहें। रेल मार्ग से होने वाली इस आपूर्ति से सड़क परिवहन की तुलना में समय और लागत दोनों में बचत होने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खेप
जम्मू-कश्मीर के दूरदराज इलाकों में डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। स्थानीय बाजारों, व्यापारियों और आम परिवारों को अब गुजरात से सीधे ताजे दूध उत्पाद मिल सकेंगे। इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और पौष्टिक आहार की पहुंच आसान बनेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल ने बताया कि यह पहल जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, स्थानीय व्यापारियों और परिवारों के हित में की गई है। बाड़ी ब्राह्मणा में 10 वैगन सीधे खाली किए गए। इससे जम्मू शहर और आसपास के जिलों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे डेयरी उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। रेल सेवा से सड़क परिवहन की लागत और समय दोनों कम होंगे, जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।
इससे पहले की ऐतिहासिक उपलब्धि
इससे पहले अक्टूबर 2025 में जम्मू मंडल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। गुजरात के खाराघोड़ा स्टेशन से 1,350 टन औद्योगिक नमक की पहली रेल खेप अनंतनाग स्टेशन तक पहुंचाई गई थी। नमक और अब दूध उत्पादों की इन खेपों से जम्मू मंडल के व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए हैं।
यह पहल गुजरात के डेयरी क्षेत्र को कश्मीर घाटी के बाजारों से जोड़ने में मदद करेगी। भारतीय रेलवे न केवल राष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को भी सशक्त बना रहा है।
आर्थिक और व्यावहारिक फायदे
रेल से माल भेजने से परिवहन ज्यादा विश्वसनीय और कम खर्चीला हो जाता है। अमूल जैसे बड़े ब्रांड के उत्पाद अब जम्मू-कश्मीर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय दुकानदारों को ताजा माल मिलेगा और उपभोक्ताओं को बेहतर कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे।
यह ट्रेन पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल और उत्तरी रेलवे के जम्मू मंडल के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। भविष्य में ऐसी और ट्रेनें चलाने की संभावना बढ़ गई है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में रेलवे की भूमिका को और मजबूत करेगी।
