भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में नेटवर्क विस्तार के लिए 100 नई परियोजनाएं मंजूर की हैं। इन परियोजनाओं पर कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे रेल नेटवर्क में 6,000 किलोमीटर से अधिक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह फैसला देश के दूरदराज इलाकों को जोड़ने, गरीब और वंचित क्षेत्रों की बेहतर सेवा करने और समावेशी विकास पर जोर देता है।
रेलवे नेटवर्क विस्तार की बड़ी योजना
केंद्र सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी कि भारतीय रेलवे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत काम कर रही है। रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग और अन्य जरूरी कामों से जुड़ी 100 परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इनसे रेल नेटवर्क मजबूत होगा और यात्रा सुविधा बढ़ेगी।
यह विस्तार विशेष रूप से अंतिम छोर तक पहुंच बनाने पर केंद्रित है। सबसे गरीब और पिछड़े इलाकों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे राष्ट्रीय एकीकरण को भी बल मिलेगा।
निवेश और पिछले साल से तुलना
इन 100 परियोजनाओं के लिए कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश तय किया गया है। यह राशि 6,000 किलोमीटर से ज्यादा रेल नेटवर्क को कवर करेगी। वित्त वर्ष 2024-25 में 64 परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी, जिनकी लागत 72,869 करोड़ रुपये थी और वे 2,800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को जोड़ती थीं।
इस बार परियोजनाओं की संख्या में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रूट कवरेज में 114 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया है, जबकि वित्तीय प्रतिबद्धता में 110 प्रतिशत से अधिक की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। रेल मंत्रालय ने इसे रेलवे विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मिशन 3000 मीट्रिक टन और विशेष फोकस
ये परियोजनाएं ‘मिशन 3000 मीट्रिक टन’ के लक्ष्य के अनुरूप हैं। इसका मकसद माल ढुलाई की क्षमता को काफी बढ़ाना है। पोर्टफोलियो में ऊर्जा कॉरिडोर परियोजनाओं पर खास ध्यान है, जो कोयला और खनिजों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करेंगी। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
हाई डेंसिटी नेटवर्क परियोजनाएं व्यस्त रूटों पर भीड़ कम करेंगी। साथ ही, ‘रेल सागर कॉरिडोर’ से बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और तटीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, इन प्रयासों से रेल नेटवर्क की दक्षता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम मजबूत होगा।
समावेशी विकास पर जोर
सरकार का कहना है कि यह विस्तार समावेशी विकास और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देगा। नई लाइनें, दोहरीकरण और मल्टी-ट्रैकिंग से रोजमर्रा की यात्रा आसान होगी। माल परिवहन भी तेज और सस्ता होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा।
यह योजना विश्व स्तरीय उच्च क्षमता वाले रेल नेटवर्क बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। भारतीय रेलवे लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है, ताकि हर क्षेत्र का विकास संभव हो सके।

