केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 16 अप्रैल 2026 को भारतीय रेलवे के 173 साल पूरे होने के मौके पर ठाणे रेलवे ब्रिज और शुरुआती ट्रेन की एक पुरानी असली तस्वीर शेयर की है। यह तस्वीर भारत की पहली यात्री ट्रेन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटना को सही तरीके से दिखाती है। इससे पहले सोशल मीडिया और किताबों में जो तस्वीरें चल रही थीं, वे असल ब्रिज की नहीं थीं। इस कदम से रेल इतिहास को सही दस्तावेजी रूप मिला है।
ठाणे ब्रिज का ऐतिहासिक महत्व
ठाणे रेलवे ब्रिज भारत में रेलवे की शुरुआत से जुड़ा है। 16 अप्रैल 1853 को देश की पहली यात्री ट्रेन बोरी बंदर (मुंबई) से ठाणे तक चली थी। यह ब्रिज उसी समय के दौरान बनाया गया था। रेलवे के 173 साल पूरे होने पर मंत्री ने इस ब्रिज की पुरानी आर्काइवल तस्वीर शेयर की, जिसमें शुरुआती ट्रेन दिख रही है। साथ में उन्होंने आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस की तस्वीर भी लगाई और कैप्शन दिया – “जर्नी कंटिन्यूज”।
Journey continues… pic.twitter.com/aLI5HyCqn5
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) April 16, 2026
गलत तस्वीरों का सुधार
पहले कई सालों से एक गलत तस्वीर सोशल मीडिया पर फैल रही थी, जो असल ठाणे ब्रिज की नहीं थी। इतिहासकार राजेंद्र बी. अकलेकर ने कहा कि मंत्री द्वारा शेयर की गई असली तस्वीर ने सालों की गलत कहानी को सही कर दिया है। उन्होंने बताया, “पहले जो तस्वीर चल रही थी, वह रिकॉर्ड के मुताबिक असल ब्रिज की नहीं थी। अब सही तस्वीर से रेलवे के 173 साल के इतिहास को सही तरीके से दर्ज किया जा सकेगा।”
यह कदम रेलवे प्रेमियों और इतिहासकारों को बहुत पसंद आया है। अब लोग पुरानी दस्तावेजी तस्वीरों के महत्व पर चर्चा कर रहे हैं। गलत तस्वीरों की जगह असली रिकॉर्ड पर आधारित जानकारी का इस्तेमाल होना चाहिए।
रेलवे की यात्रा और भविष्य
भारतीय रेलवे ने 1853 से अब तक बहुत लंबा सफर तय किया है। आज यह दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। मंत्री की यह पोस्ट पुरानी यादों को ताजा करते हुए नए विकास की ओर इशारा करती है। इससे पता चलता है कि रेलवे अपनी जड़ों को याद रखते हुए आगे बढ़ रही है।
