नई दिल्ली। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) ने रेलवे ट्रैक मेंटेनर्स की चुनौतीपूर्ण समस्याओं को हल करने के लिए अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर्स सम्मेलन का आयोजन किया। 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली के ताल कटोरा इंडोर स्टेडियम में हुए इस सम्मेलन में देशभर से तीन हजार से अधिक ट्रैक मेंटेनर प्रतिनिधि शामिल हुए। AIRF के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन ने किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत उच्च अधिकारियों ने ट्रैक मेंटेनर्स की सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियों और कल्याण पर जोर दिया।
सम्मेलन का उद्देश्य और आयोजन
एआईआरएफ समय-समय पर रेल कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के सम्मेलन आयोजित करता रहा है। इस बार फोकस था उन कर्मचारियों पर जो दिन-रात, चौबीस घंटे ट्रैक की देखभाल करते हैं। ट्रैक मेंटेनर्स रेल परिचालन की मजबूत नींव माने जाते हैं। सम्मेलन में विभिन्न जोनों और मंडलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं।
रेल मंत्री का आश्वासन
मुख्य अतिथि के रूप में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने ट्रैक मेंटेनर्स की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया। मंत्री जी ने उनकी सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया।
उन्होंने आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा उपाय और पर्याप्त संसाधनों पर बल दिया। स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देने की बात कही। बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, विश्राम व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। ट्रैक मेंटेनर कैडर में पदोन्नति के मामले पर भी ध्यान देने का वादा किया।
इंफ्रा सदस्य और महाप्रबंधक के विचार
रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर श्री विवेक कुमार गुप्ता ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन और नियमित निरीक्षण पर जोर दिया। उन्होंने पर्याप्त स्टाफ नियुक्ति, कार्य समय में सुधार और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया। तकनीकी विकास के जरिए कर्मचारियों को सुविधाएं देने की बात भी कही।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडे ने ट्रैक मेंटेनर्स को रेल परिचालन की रीढ़ बताया। उन्होंने आधुनिक सुरक्षा उपकरण, उन्नत तकनीकों और ट्रैक मशीनों के बेहतर रखरखाव पर ध्यान देने की जानकारी दी। पर्याप्त स्टाफ, कार्य समय में संतुलन और प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने के कदम उठाए जा रहे हैं। कौशल विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्र का संबोधन
एआईआरएफ के महामंत्री श्री शिव गोपाल मिश्रा ने ट्रैक मेंटेनर्स की कठिन कार्य परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने उनकी प्रमुख मांगों को रखा।
श्री मिश्रा ने कहा कि ट्रैक मेंटेनर्स रेलवे की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। बेहतर कार्य समय, पर्याप्त स्टाफ नियुक्ति, उन्नत सुरक्षा उपकरण और नियमित प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दों जैसे बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और विश्राम व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही।
महिला ट्रैक मेंटेनर्स को जरूरी सुविधाएं और कोटि परिवर्तन स्वीकार करने की मांग भी रखी गई। सम्मेलन में उठाए गए सभी मुद्दों का समर्थन करते हुए उन्होंने प्रशासन के सामने इन मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने और समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधियों की भागीदारी और फैसले
सम्मेलन में विभिन्न जोनों से आए नेताओं और प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं बताईं और व्यावहारिक सुझाव दिए। अंत में यह निर्णय लिया गया कि ट्रैक मेंटेनर्स की समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उनके शीघ्र समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
सम्मेलन का संचालन दिल्ली मंडल के मंडल मंत्री कामरेड अनूप शर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के अध्यक्ष श्री एस के त्यागी ने दिया। मुख्यालय और दिल्ली मंडल के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन रेलवे ट्रैक मेंटेनर्स के हितों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। एआईआरएफ ने उनकी हर समस्या के समाधान के लिए संकल्प व्यक्त किया है।
