नई दिल्ली। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन तथा स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने के लिए ICFAI फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन (IFHE), हैदराबाद के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारत के फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में मदद करेगी।
समझौते का मकसद
DFCCIL ने ICFAI के मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम को देखते हुए यह सहयोग किया है। दोनों संस्थान मिलकर सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग से जुड़े रिसर्च, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट पर काम करेंगे। DFCCIL इंटरनेशनल हेवी हॉल एसोसिएशन का सदस्य भी है, जो इस साझेदारी को और महत्वपूर्ण बनाता है।
ICFAI फाउंडेशन अपनी IcfaiTech जैसी पहलों के जरिए रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और व्हीकल डायनेमिक्स जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है। इन तकनीकों का इस्तेमाल आधुनिक रेलवे सिस्टम और स्मार्ट फ्रेट ऑपरेशंस में किया जा सकता है। यह साझेदारी फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर की चुनौतियों का समाधान करने और नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।
हस्ताक्षर समारोह
यह MoU श्री प्रवीण कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, DFCCIL की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समझौते पर DFCCIL की ओर से श्री शोभित भटनागर, डायरेक्टर (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट) और ICFAI की ओर से डॉ. तम्मा कोटी रेड्डी, वाइस चांसलर ने हस्ताक्षर किए।
समारोह का आयोजन श्री एस. पी. वर्मा, जीजीएम/बीडी एंड बीए ने किया। इसमें DFCCIL के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें श्री अनुराग शर्मा (डायरेक्टर/इन्फ्रास्ट्रक्चर), श्री पवन के. राय (डायरेक्टर/प्रोजेक्ट प्लानिंग), श्री बी. मुगुन्थन (डायरेक्टर/फाइनेंस), श्री प्रमोद कुमार (सीवीओ), श्री प्रफुल चंद्र पांडेय (ईडी/सिस्टम), श्री रोशन सिंह (जीएम/ओपी एंड बीडी) और श्री नगेंद्र एस. बिष्ट (जेजीएम/बीडी एंड पीआर) शामिल थे।
ICFAI फाउंडेशन की ओर से डॉ. एम. साई नाथ (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर), सीए. सी.वी. चैनुलु विश्वनाथ (एडवाइजर), डॉ. सी. राधा मोहन (डीन) और श्री श्री रवि कुमार गुज्जला उपस्थित रहे।
स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
यह साझेदारी स्किल इंडिया मिशन की भावना से जुड़ी हुई है। DFCCIL के कर्मचारियों के लिए खास अल्पकालिक ट्रेनिंग प्रोग्राम, एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट मॉड्यूल्स और उभरती टेक्नोलॉजी पर सर्टिफिकेशन कोर्स चलाए जाएंगे। इससे इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार कार्यबल बनेगा।
दोनों संस्थान संयुक्त वर्कशॉप, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, इनोवेशन फोरम और नॉलेज शेयरिंग सेशंस का आयोजन करेंगे। इन कार्यक्रमों से रिसर्च नतीजे, तकनीकी जानकारियां और वैश्विक बेस्ट प्रैक्टिसेस का आदान-प्रदान होगा।
दीर्घकालिक फायदा
यह MoU इंडस्ट्री और अकादमिया के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। DFCCIL के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस करने में यह साझेदारी उपयोगी साबित होगी। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कुशल manpower तैयार करने और इनोवेटिव समाधान विकसित करने की दिशा में यह एक ठोस कदम माना जा रहा है।
