पटना। मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने बिहार में लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के ट्रॉली बैग और कीमती सामान चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मुख्य रूप से सीतामढ़ी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन (ट्रेन नंबर 03044) को निशाना बनाता था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 32.5 ग्राम सोना बरामद किया, जिसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये है। 11 मई को हुई चोरी की घटना के बाद पुलिस की जांच में यह पूरा मामला सामने आया।
सीतामढ़ी-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रॉली लिफ्टर गैंग का खुलासा
रेलवे पुलिस ने लंबे समय से सक्रिय इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। गिरोह के सदस्य रात के समय यात्रियों के सो जाने का फायदा उठाकर उनके ट्रॉली बैग चुराते थे। मुजफ्फरपुर रेल पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित गिरोह था जो खास तौर पर सीतामढ़ी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन में काम करता था।
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि आरोपी वैशाली जिले से कार लेकर सीतामढ़ी पहुंचते थे। वहां से ट्रेन में सवार होकर बरौनी तक यात्रा करते थे। इस दौरान समस्तीपुर और दरभंगा जंक्शन के बीच वे यात्रियों का सामान चुरा लेते थे। चोरी के बाद अलग-अलग स्टेशनों पर उतरकर फरार हो जाते थे।
चोरी का तरीका और गिरोह का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह का मास्टरमाइंड वैशाली जिले का रहने वाला है। वह अमित कुमार नामक व्यक्ति से जुड़ा हुआ था। आरोपी रात में जब यात्री सो जाते थे, तब उनकी ट्रॉली बैग निकालकर ले जाते थे। इस बार 11 मई को एस-6 बोगी में कई यात्रियों का सामान गायब हो गया, जिससे ट्रेन में हड़कंप मच गया।
दरभंगा के दिलखुश झा अपने परिवार के साथ हावड़ा जा रहे थे। उनकी ट्रॉली बैग में 35 ग्राम सोना समेत कीमती सामान था, जो चोरी हो गया। दिलखुश झा ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद रेल पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्य
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। एसआईटी, डीआईयू और विभिन्न रेल थानों की टीमों ने मिलकर जांच शुरू की। डंप टावर, टेक्निकल सर्विलांस और डीआर तकनीक का इस्तेमाल किया गया। समस्तीपुर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर जाते हुए दिखा। इसी आधार पर गिरोह की पहचान हुई।
पुलिस को पता चला कि गिरोह दोबारा इसी ट्रेन को निशाना बनाने की तैयारी में था। इसके बाद जाल बिछाया गया और कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी और सोना बरामदगी
रेल पुलिस ने दरभंगा जंक्शन से तीन आरोपियों को पकड़ा। एक आरोपी समस्तीपुर और एक वैशाली से गिरफ्तार हुआ। कुल पांच लोग अब पुलिस की हिरासत में हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर पटना के पुनपुन इलाके से एक स्वर्ण व्यवसायी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने चोरी का सोना करीब दो लाख रुपये में खरीदा था। पुलिस ने उसके पास से 32.5 ग्राम सोना बरामद किया, जिसकी बाजार मूल्य लगभग पांच लाख रुपये है। बाद में व्यवसायी को छोड़ दिया गया।
आगे की जांच
रेल पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। यह घटना यात्रियों के लिए सबक है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।
ट्रेन यात्रा के दौरान सोने से पहले सामान को अच्छी तरह लॉक करना चाहिए और कीमती चीजें अपने पास रखनी चाहिए। मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की इस सफलता से यात्रियों में राहत की भावना है।
