पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में फिल्म शूटिंग से अब तक की सबसे ज्यादा आय हासिल की है। 15 फरवरी 2026 तक रेलवे ने लगभग 1.72 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 में इस मद से 1.64 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
सरल प्रक्रिया से बढ़ी सुविधा
पश्चिम रेलवे ने फिल्म निर्माताओं के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। अब सिंगल विंडो प्रणाली के जरिए प्रोडक्शन हाउस को सिर्फ एक आवेदन करना होता है। बाकी सभी रेलवे स्वीकृतियां जनसंपर्क विभाग खुद ले लेता है और अनुमति जारी कर देता है। इस व्यवस्था से समय बचता है और काम जल्दी हो जाता है।
वंदे भारत में पहली बार शूटिंग
इस साल एक खास उपलब्धि यह रही कि पश्चिम रेलवे ने पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के अंदर फिल्म शूटिंग की अनुमति दी। यह ट्रेन भारत की आधुनिक और प्रीमियम ट्रेन मानी जाती है।
रेलवे के विभिन्न स्टेशनों, ट्रेनों और अन्य जगहों पर कई फिल्मों और विज्ञापनों की शूटिंग हुई। इनमें फिल्में जैसे ओ रोमियो, फतेह, तेरा यार हूँ मैं, सिकंदर और लिजोल शामिल हैं। साथ ही पेटीएम और कोलगेट जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन भी शूट किए गए।
गैर-किराया राजस्व में योगदान
यह आय रेलवे के गैर-किराया राजस्व को मजबूत करती है। पश्चिम रेलवे देश के प्रमुख क्षेत्रीय रेलवे में फिल्म शूटिंग से आय कमाने के मामले में आगे है। रेलवे इस क्षेत्र में फिल्म उद्योग के साथ और बेहतर तालमेल बिठाने और नए मौके पैदा करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
पश्चिम रेलवे का कहना है कि भविष्य में भी फिल्म इंडस्ट्री के साथ संबंध और मजबूत किए जाएंगे ताकि इस तरह की आय में और बढ़ोतरी हो सके।
