नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 मई 2026 को तेलंगाना में करीब 1,535 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें काजीपेट-विजयवाड़ा कॉरिडोर पर 118 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग और 21 किलोमीटर काजीपेट रेल अंडर रेल बायपास शामिल हैं। ये परियोजनाएं तेलंगाना के हनुमाकोंडा, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करेंगी, ट्रेनों की भीड़ कम करेंगी और यात्री व माल ढुलाई को आसान बनाएंगी।
प्रधानमंत्री तेलंगाना में समर्पित करेंगे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 10 मई 2026 को तेलंगाना दौरे पर करीब 1,535 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं राज्य में रेल नेटवर्क को और बेहतर बनाने, ट्रेनों की पुनर्प्राप्ति बढ़ाने और यात्री सुविधा सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। भारतीय रेलवे इन परियोजनाओं के जरिए व्यस्त रूटों पर क्षमता बढ़ा रहा है।
118 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग से बढ़ेगी काजीपेट-विजयवाड़ा कॉरिडोर की क्षमता
काजीपेट-विजयवाड़ा कॉरिडोर पर 118 किलोमीटर लंबी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना इन परियोजनाओं का प्रमुख हिस्सा है। इसमें वारंगल-काजीपेट, नेकोंडा-महबूबाबाद और एर्रुपालेम-डोरनकल जंक्शन रेलखंड शामिल हैं। यह कॉरिडोर देश के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ग्रैंड ट्रंक रूट का हिस्सा है।
मल्टी-ट्रैकिंग से इस रूट पर ट्रेन चलाने की क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और मालगाड़ियों का इंतजार कम होगा। तेलंगाना के हनुमाकोंडा, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। यात्री अब तेलंगाना से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के शहरों के बीच बेहतर और कम देरी वाली यात्रा कर सकेंगे।
माल ढुलाई को मिलेगा तेज गति का सहारा
नई ट्रैकिंग से कोयला, सीमेंट, खाद, कृषि उत्पाद और अन्य औद्योगिक सामान की ढुलाई आसान और तेज होगी। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच माल परिवहन बेहतर होगा। इससे स्थानीय उद्योगों, किसानों और व्यापारियों को फायदा पहुंचेगा। रेलवे के अनुसार, व्यस्त रूट पर क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ेगी और कुल परिवहन लागत प्रभावित होगी।
21 किलोमीटर काजीपेट रेल अंडर रेल बायपास से जंक्शन की भीड़ घटेगी
प्रधानमंत्री 21 किलोमीटर लंबे काजीपेट रेल अंडर रेल बायपास को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। काजीपेट जंक्शन क्षेत्र में ट्रेनों की भारी आवाजाही होती है। यह बायपास जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ कम करेगा और हैदराबाद, बल्हारशाह और विजयवाड़ा की ओर एक साथ ट्रेनें चलाने की सुविधा देगा।
इससे ट्रेनों को जंक्शन पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्रॉसिंग देरी कम होगी और समयबद्धता बढ़ेगी। दिल्ली-चेन्नई रूट पर कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। यात्री और मालगाड़ियों दोनों के लिए ऑपरेशन आसान होगा। आसपास के इलाकों में ट्रेन शेड्यूल बेहतर होगा और देरी से जुड़ी समस्याएं घटेंगी।
तेलंगाना में रेलवे विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान
ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे की आधुनिकीकरण योजनाओं का हिस्सा हैं। व्यस्त सेक्शन को डीकंजेस्ट करने, लाइन क्षमता बढ़ाने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। तेलंगाना के इन जिलों में बेहतर रेल सुविधाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मल्टी-ट्रैकिंग और बायपास से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की गुंजाइश बनेगी। यात्री सफर आरामदायक और भरोसेमंद बनेगा। साथ ही फ्रेट मूवमेंट से क्षेत्रीय व्यापार को गति मिलेगी।
यात्री और उद्योग दोनों को फायदा
यात्री अब कम देरी के साथ लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ सकेंगे। खासकर त्योहारों और पीक सीजन में सुविधा बढ़ेगी। वहीं उद्योगों को माल ढुलाई में समय की बचत होगी। कोयला और सीमेंट जैसी भारी सामग्री का तेज परिवहन उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाएगा। कृषि उत्पादों के लिए भी बेहतर बाजार पहुंच बनेगी।
रेलवे इन परियोजनाओं के जरिए पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को सहारा देना चाहता है। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
भविष्य की तैयारियों की ओर एक कदम
ये परियोजनाएं हाई-क्षमता वाले रेल नेटवर्क बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। तेलंगाना और पड़ोसी राज्यों के बीच मजबूत संपर्क से क्षेत्रीय संतुलन बनेगा। भारतीय रेलवे लगातार ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है जो यात्री सुविधा, सुरक्षा और आर्थिक विकास को साथ लेकर चलें।
10 मई को प्रधानमंत्री द्वारा इन परियोजनाओं के समर्पण के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों को जल्द ही इनका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
